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दशहरा को विजयदशमी के नाम से क्यों जाना जाता है?: Importance of Vijayadashami

नवरात्रों का त्यौहार मनाने के पीछे भी यही कारण माना जाता है कि इन दिनों में देवी जी और राक्षस के बीच में 10 दिनों तक युद्ध चला था और दसवें दिन उन्होंने महिषासुर राक्षस का वध कर दिया था और उसी दिन को विजयदशमी के रूप में मनाया जाने लगा I
08:00 AM Oct 24, 2023 IST | Divya Agarwal
दशहरा को विजयदशमी के नाम से क्यों जाना जाता है   importance of vijayadashami
Importance of Vijayadashami
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Importance of Vijayadashami: विजय दशमी का उत्सव पूरे भारत में नवरात्रों के दसवें दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है I हिंदू कैलेंडर के हिसाब से यह दिन आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को पड़ता है l इस दिन को दशहरा या फिर विजय दशमी के नाम से सम्बोधित किया जाता है l देवी दुर्गा से जुड़ी एक पौराणिक कथा के हिसाब से यह माना जाता है कि इस दिन दुर्गा मां ने धरती पर शांति लाने और बुराई कम करने के लिए महिषासुर राक्षस का वध किया था l
नवरात्रों का त्यौहार मनाने के पीछे भी यही कारण माना जाता है कि इन दिनों में देवी जी और राक्षस के बीच में 10 दिनों तक युद्ध चला था और दसवें दिन उन्होंने महिषासुर राक्षस का वध कर दिया था और उसी दिन को विजयदशमी के रूप में मनाया जाने लगा I

विजयदशमी का अर्थ

Importance of Vijayadashami
Vijayadashmi

जैसा कि नाम से स्पष्ट है “ विजयदशमी “ जिसका कि अर्थ है दसवें दिन प्राप्त हुई जीत l बाकी नौ दिन दुर्गा मां के हर एक शक्तिशाली रूप को समर्पित करके उनकी पूजा ,अर्चना और उपवास रखे जाते हैं l यह उत्सव भारत के सबसे लोकप्रिय और उत्साह पूर्वक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है I
लोग अपने-अपने घरों में देवी जी की स्थापना करके पाठ करते हैं I बहुत से लोग इन दिनों में फलाहर या कोटू आदि खाते हैं l कई जगहों पर इन नौ दिनों में गरबा और डांडिया खेलने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है I

दशहरा और विजयदशमी : बुराई पर अच्छाई की जीत

Victory Of Good Over Evil
Victory Of Good Over Evil

दशहरा और विजयदशमी, एक ही दिन मनाए जाने वाले दोनों उत्सव ,बुराई पर अच्छाई की जीत का ही जश्न मनाते हैं I जहां भगवान राम के द्वारा रावण के वध की खुशी हम दशहरे के त्यौहार के रूप में मनाते हैं ,वही देवी मां के द्वारा महिषासुर के वध की ख़ुशी हम विजयादशमी के त्यौहार के रूप में मनाते हैं l दोनों ही त्यौहार हमें बताते हैं कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो पर एक दिन सच्चाई के सामने हार ही जाती है l इस दिन दुर्गा मां की प्रतिमा का विसर्जन होता है और शाम को रावण दहन किया जाता है l
दशहरे के दिन लोग शस्त्र-पूजन यानि कि अपने कारोबार से संबंधित समान की पूजा करते हैं l इस दिन नया कार्य आरंभ करना शुभ माना जाता है और यह विश्वास किया जाता है कि उसमें सफलता मिलेगी l पुराने समय में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना करके रणभूमि के लिए प्रस्थान किया करते थे l इस दिन जगह-जगह मेलों का आयोजन किया जाता है l हर साल इन 10 दिनों में रामलीला का भी आयोजन होता है l
विजयादशमी या दशहरा दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाए या फिर भगवान राम की विजय के रूप में लेकिन दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा, हर्ष, उल्लास और विजय का पर्व है l

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यह दोनों पर्व हर मनुष्य को अपने जीवन काल में काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और भय जैसे शत्रुओं व नकारात्मक सोच पर काबू पाने की प्रेरणा देते हैं l सकारात्मक सोच और अच्छे कार्य ही वास्तव में मानव जीवन का मूल्य हैं l

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