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जानिए क्या होती है रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग और किस तरह है नुकसानदायक: Breadcrumbing in a Relationship

03:30 PM Jun 20, 2024 IST | Mitali Jain
जानिए क्या होती है रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग और किस तरह है नुकसानदायक  breadcrumbing in a relationship
Breadcrumbing in a Relationship
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Breadcrumbing in a Relationship: प्यार, इश्क, मोहब्बत... पर ना जाने कितनी ही कविताएं और कहानियां लिखी गई हैं। हम सभी ने बचपन से टीवी और फिल्मों में कपल्स को देखकर मन ही मन में प्यार की एक परिभाषा गढ़ी है। वास्तविक जीवन में भी हम अपने लिए एक ऐसा ही पार्टनर चाहते हैं। आज के मॉडर्न युग में ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन दुनिया में हजारों लोग पलकें बिछाए हुए नजर आ जाएंगे। जिनका प्रोफाइल देखकर या फिर जिनकी बातें सामने वाले व्यक्ति को इंप्रेस कर दे। ऐसे में किसी के प्यार में पड़ने में बहुत अधिक समय नहीं लगता है।

हालांकि, सामने वाला व्यक्ति सच में सीरियस है या फिर वह सिर्फ ब्रेडक्रंबिंग कर रहा है, इसका पता लगाना कभी-कभी काफी मुश्किल हो जाता है। ब्रेडक्रंबिंग एक ऐसा टर्म है, जिसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते हैं। लेकिन रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग व्यक्ति की मेंटल हेल्थ को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। तो चलिए आज इस लेख में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग क्या होती है और यह आपके लिए किस तरह नुकसानदायक साबित हो सकती है-

Also read: प्यार होने के बाद अक्सर इन वजहों से टूट जाता है रिश्ता: Reason of Breakup

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Breadcrumbing in a relationship
Breadcrumbing

रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग से होने वाले नुकसानों के बारे में जानने से पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि वास्तव में ब्रेडक्रंबिंग क्या है। ब्रेडक्रंबिंग का मतलब है कि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रिलेशन में हैं, जो आपके साथ रिश्ता तो रखना चाहता है, लेकिन वह कोई भी कमिटमेंट नहीं करना चाहता और ना ही किसी तरह के बंधन में नहीं बंधना चाहता। ऐसे लोग अपने पार्टनर को बहुत अधिक तवज्जो नहीं देते हैं। हो सकता है कि वे घंटों-घंटों या फिर कभी-कभी पूरे दिन या दो-तीन दिन तक भी अपने पार्टनर से कॉन्टैक्ट ना करें या उनके मैसेज का जवाब ना दें। ऐसे लोग अक्सर अपने पार्टनर की बातों को गोल-मोल करने की कोशिश करते हैं। रिलेशन में जो व्यक्ति ब्रेडक्रंबिंग कर रहा होता है, वह केवल तब अपने पार्टनर पर थोड़ा ध्यान देता है, जब उसे ऐसा लगता है कि उसका पार्टनर उससे दूर हो रहा है या फिर उसका रिश्ता टूटने वाला है। हालांकि, चीजें बेहतर होने के बाद उस व्यक्ति का रवैया पहले की ही तरह हो जाता है।

अगर आप रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग की पहचान करना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ संकेतों पर गौर कर सकते हैं। मसलन-

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  • ब्रेडक्रंबिंग करने वाला व्यक्ति कभी भी अपने पार्टनर को लेकर सीरियस नहीं होता है। उसके लिए वह एक केजुअल रिलेशन है और वह सिर्फ अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए है, इसलिए वह अपने रिश्ते के लिए कोई एफर्ट नहीं लेता है।
  • अगर कभी कमिटमेंट की बात होती है तो वह व्यक्ति बात टालने की कोशिश करता है। हो सकता है कि वह कमिटमेंट की बात होने पर वह आपसे कहे कि वह इस बारे में कल बात करेगा या फिर वह अपनी कोई मजबूरी गिनाना शुरू कर दे।
  • ऐसे लोग अक्सर इमोशनली अवेलेबल नहीं होते हैं। हो सकता है कि वह अपने पार्टनर के कॉल या मैसेज का घंटों तक जवाब ना दें या फिर कई दिनों तक संपर्क ना करें। ऐसे लोग अपने रवैये के प्रति किसी तरह की जवाबदेही नहीं रखते हैं।
  • ऐसे लोग शुरुआत में अपने पार्टनर के साथ फ़्लर्ट करते हैं या फिर बहुत अच्छा बनने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक वक्त के बाद वह अपने रिश्ते को समय देना या फिर उसे बेहतर बनाने की कोशिश ही नहीं करते हैं।
  • ब्रेडक्रंबिंग करने वाला व्यक्ति इमोशनल की जगह फिजिकल कनेक्ट होना पसंद करते हैं। वे हरदम अपने पार्टनर से फिजिकल कनेक्शन बनाने की कोशिश करते हैं।
  • अगर ब्रेडक्रंबिंग करने वाले व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसका पार्टनर उससे दूर जा रहा है, तो वे उसे वापिस लाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कुछ वक्त बाद वे फिर पहले की तरह बिहेव करना शुरू कर देते हैं।
disadvantages of breadcrumbing
What are the disadvantages of breadcrumbing?

अगर आपके साथ भी रिलेशनशिप में ब्रेडक्रंबिंग हो रही है तो यह आपकी मेंटल हेल्थ पर बहुत अधिक नेगेटिव असर डाल सकती है। दरअसल-

  • ऐसे रिलेशन में व्यक्ति कभी भी मूव ऑन नहीं कर पाता है, क्योंकि ब्रेडक्रंबिंग करने वाला व्यक्ति अपने पार्टनर को कभी खुद से दूर नहीं जाने देता है। वह उसे बांधकर रखता है।
  • किसी भी तरह का कमिटमेंट ना होने के कारण व्यक्ति को काफी तकलीफ होती है और वह अपने रिश्ते को लेकर हमेशा ही असमंजस की स्थिति में रहता है।
  • चूंकि ब्रेडक्रंबिंग करने वाला व्यक्ति कभी भी अपने पार्टनर की फीलिंग्स की कोई केयर नहीं करता है, इसलिए सामने वाला व्यक्ति रिलेशन में होते हुए भी खुद को अक्सर अकेला महसूस करता है। इससे व्यक्ति को मन ही मन काफी तकलीफ होती है।
  • कुछ स्थितियों में तो व्यक्ति खुद को ही दोषी मानने लगता है। उसे लगता है कि शायद उसमें ही कोई कमी नहीं है, इसलिए उसका पार्टनर इस तरह से बिहेव कर रहा है। यह  आत्म-संदेह भी कहीं ना कहीं उसके आत्मविश्वास की धज्जियां उड़ा देता है।
  • चूंकि ऐसे रिलेशन में ब्रेडक्रंबिंग करने वाला व्यक्ति फिजिकल रिलेशन बनाने पर अधिक फोकस करता है, जिसके कारण भी सामने वाला व्यक्ति खुद को ठगा सा महसूस करने लगता है।
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