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मेष राशिफल – Mesh Rashifal 2024 – 8 July to 15 July

12:00 AM Jul 06, 2024 IST | Reena Yadav
मेष राशिफल – mesh rashifal 2024 – 8 july to 15 july
Aries horoscope 2024
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चू, चे, चो, ला अश्विनी-4

ली, लू, ले, ला भरणी-4

अ कृत्तिका-1

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8 जुलाई से 15 जुलाई तक

 दिनांक 8 को चतुर्थ भावगत चन्द्रमा परेशानी देगी। संतान का व्यवहार, उसकी हरकतें आपके लिए चिंता का कारण बनेगी। आप किसी साजिश का शिकार भी हो सकते हैं। 9, 10, 11 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। विद्याथी वर्ग के लिए यह समय पढ़ाई का रहेगा। किसी प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम अनुकूल आएगा। प्रेम-प्रसंगों में सफलता मिलेगी। कहीं उचित जगह निवेश कर पाएंगे। 12, 13 को धन प्राप्ति के लिए किए गए प्रयासों में आपको सफलता मिलेगी। परिवार में अनुकूल वातावरण रहेगे। आपको अपने लिए समय कम ही मिल पाएगा। जेल काम अपने हाथ में लेंगे लिया है, उसे पूरा करके ही दम लेगे। कोई लोगहित व जनकल्याण का काम होगा जिससे आप हर्षित हो उठेंगे। 14, 15 को सप्तमस्थ चन्द्रमा सुख-शांतिदायक रहेगा। नया कोई भी काम अगर इस समय करते तो उसके आगे परिणाम सुखद होंगे। धन लाभ के आसार बन रहे है, कारोबार में मुनाफा मिलता रहेगा। शत्रु वर्ग आपसे ईर्ष्या रखेगा किन्तु अहित कुछ नहीं कर पाएंगे।

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में मंगल+चंद्रमा मेष राशि का लग्न में, बृहस्पति वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य+शुक्र मिथुन राशि का तृतीय भाव में, बुध कर्क राशि का चतुर्थ भाव में, केतु कन्या राशि का षष्टम भाव में, शनि कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में, राहु मीन राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

मेष राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2024शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी14, 15, 18, 19, 20, 22,
23, 24
7, 8, 9, 16, 17, 25,
26, 27
फरवरी10, 11, 15, 16, 18,
19, 20
4, 5, 13, 21, 22, 23
मार्च9, 13, 14, 17, 182, 3, 4, 11, 20, 21,
29, 30, 31
अप्रैल5, 6, 9, 10, 13, 147, 8, 16, 17, 25, 26,
27
मई2, 3, 7, 8, 11, 12, 29,
30, 31
5, 13, 14, 15, 23,
24, 25
जून3, 4, 7, 8, 24, 25, 301, 2, 10, 11, 19, 20,
21, 28, 29
जुलाई1, 2, 4, 5, 6, 23, 24,
28, 29
7, 8, 16, 17, 18, 26
अगस्त1, 2, 19, 20, 24, 25,
28, 29
3, 4, 5, 13, 14, 15,
22, 31
सितम्बर16, 17, 20, 21, 24, 251, 9, 10, 11, 18, 19,
27, 28
अक्टूबर13, 14, 18, 19, 21,
22, 23
6, 7, 8, 16, 24, 25,
26
नवम्बर10, 11, 14, 15, 18, 193, 4, 5, 12, 13, 21,
22, 30
दिसम्बर7, 8, 12, 13, 15, 161, 2, 10, 18, 19, 27,
28, 29

मेष राशि का वार्षिक भविष्यफल

Mesh Chakra
मेष राशि

यह साल 2024 आपके लिए उपलब्धि पूर्ण रहेगा। शनि वर्ष पर्यंत लाभ स्थान में गतिशील रहेंगे। अतः धन-लाभ के व आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेगें। वर्षारंभ में मंगल नवम स्थान भाग्य भवन में हैं, अतः

भाग्योन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, पुराने रोग व कष्ट से छुटकारा मिलेगा, आपको यात्रओं में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। इस देवगुरू बृहस्पति आपकी राशि में तथा दूसरे स्थान में चलायमान रहेगे, गुरू के परिभ्रमण से

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धार्मिक लाभ प्राप्त होगा। धार्मिक स्थानों की यात्रऐं होगी किसी दिव्य व्यक्ति संत व महापुरूष का आशीर्वाद व सान्निध्य प्रात होगा, बुद्धि के बल पर आप बड़े से बड़ा काम चुटकियों में हल कर देगें। आप इस साल प्लार्निंग व योजना बनाकर काम करेंगे, जिससे उसका उचित परिणाम प्राप्त होगा। स्त्री जातकों को स्त्री जनित रोगों से स्त्री जातकों को परेशानी हो

सकती है। व्यापार की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए आप भरसक कोशिश करेंगे। और कुछ हद तक परिणाम भी प्राप्त होगें। लेकिन साथ ही एक सलाह भी आपको देना चाहूंगा कि

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रूपयों पैसों के मामले में किसी पर भरोसा नही करें, भागीदार सहकर्मी व कर्मचारी के हर गतिविधि व कार्यकलाप पर पर पैनी नजर रखे। तकनीक, मशीनरी, हुनर व मैन पावर का उपयोग करके आप अपना उत्पादन तो बढ़ा लेगें, परंतु कहीं न कहीं लाभ आप उतना हासिल नहीं कर पायेंगे।

देवगुरु बृहस्पति मई के बाद दूसरे स्थान में आकर खर्चों में वृद्धि करायेगें। कुछ अप्रत्याशित खर्चों के योग हैं। खर्चों पर नियत्रंण रखें। इस वर्ष वर्षारंभ में केतु की स्थिति छठे भाव में हैं, जो वर्ष पर्यत रहेगी। गुप्त शत्रु व षड्यंत्र इस साल सक्रिय रहेंगें। शत्रु व षडयंत्रें से सावधान रहने की आवश्यकता है। पति-पत्नी में आपसी सामंजस्य बहुत ही बढ़िया रहेगा, परिवार के लोगों का साथ व सहयोग प्राप्त होगा। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य को लेकर चिंता जरूर रहेगी। इस साल चल, अचल सम्पत्ति की खरीद की संभावना है। व्यापार में आप नित नई संभावनाओं के तलाशेंगे। विद्यार्थी इस साल जबरदस्त मेहनत करेंगे, विभागीय परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा व नौकरी से सम्बन्धित परीक्षा में सफलता के योग मई से पूर्व बन रहे है। प्रेम-प्रसंगों से विद्यार्थीयों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखनी चाहिए, अन्यथा कैरियर व अध्ययन में नुकसान हो सकता है।

वाहन सावधानी पूर्वक चलायें। इस वर्ष किसी नए वाहन की खरीददारी संभव है। पुराने वाहन व घर की मरम्मत पर भी खर्चा हो सकता है। इस साल किसी अनहोनी की स्थिति किसी रिश्तेदार या घनिष्ठ मित्र के साथ हो सकती है। व्यापार के लिए ऋण लेना पड़ सकता है, जो बाद में धीरे-धीरे करके आप चुकता भी कर देगें।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्यः- यह समय स्वास्थ्य की दुष्टि से एकदम अनुकूल रहेगा। हालांकि छठे स्थान में केतु के प्रभाव से यदा-कदा हल्की-फुल्की स्वास्थ्य समस्याऐं चलती रहेंगी। मौसमी बीमारियों से सावधानी आवश्यक है, जब फूड,

या भारी भोजन बासी भोजन से परहेज करें। हालांकि इस साल

कोई बडी घातक या गम्भीर बीमारी की आशंका व संभावना नहीं है। आप योग, व्यायाम, मेडीटेशन, जैसी चीजों पर ध्यान देकर अपने स्वास्थ्य को सुव्यवस्थित कर लेगें। वर्षारंभ में राशि स्वामी मंगल भी नवम स्थान में स्थित है, घर के बड़े-बुजुर्गों व वरिष्ठ सदस्यों का स्वास्थ्य जरूर डावाडोल हो सकता है। जिसके कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

व्यापार, व्यवसाय व धनः- व्यापार व कारोबार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से चल रही थी। उस पर काम होगा। काम-काज को जमाने में सही से स्थापित करने के लिए आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी। मेहनत व परिश्रम से आप वह सब हासिल कर लेगें, जिसकी आपने तमन्ना की थी। नौकरी से जुड़े जातकों को महत्त्वपूर्ण पोस्टिंग या पदोन्नति किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व की मद्द से हासिल हो सकती है। इस साल शनि लाभ स्थान में हैं, वर्षारंभ में मंगल भाग्य स्थान में हैं। अतः बेरोजगार व्यक्तियों को जॉब का अवसर मिल सकता है। देवगुरु बृहस्पति मई तक आपकी राशि में ही संचरण कर रहे हैं। अतः व्यापार व व्यवसाय में किसी का सहयोग आपकी किस्मत बदलने का सामर्थ्य रखता है, किसी संत, महापुरुष या दिव्य व्यक्ति का आशीर्वाद आपकी उन्नति के रास्ते खोल देगा। वहीं 30 जून से 15 नवम्बर के मध्य शनि

एकादश स्थान वक्री हो जायेगें। अतः इस दौरान व्यापारिक फैसलों पर एक बार पुनर्विचार की आवश्यकता रहेगी। भागीदारी व कर्मचारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें, इस समय कोई गलती या चूक नहीं करें, अन्यथा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, आपके अपने लोग ही विश्वासघात कर सकते है। अगर आप राजकीय सेवा में है, तो आपके किसी साजिश या षड्यंत्र के शिकार हो सकते हैं। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व सट्टे आदि से सावधान रहें। किसी भी व्यापार में निवेश करने से अच्छी तरह छानबीन व जांच पड़ताल कर लें। अतिविश्वास में विश्वासघात हो सकता है।

घर-परिवार संतान व रिश्तेदारः- रिश्तेदारों से इस साल कोई खास सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

घर-परिवार में व्यस्तता के बावजूद आप अपने लोगों को समय देंगे। मेष राशि के जातकों के लिए परिवार पहली प्राथमिकता पर होता है। दाम्पत्य संबंधों में नई ताजगी महसूस करेंगे। बृहस्पति की वर्षारंभ में सातवें स्थान पर दृष्टि है। रिश्तेदारों से कभी कभार हल्की-फुल्की नोक-झोंक हो सकती है। ससुराल से सम्बन्धों में कटुता आयेगी। भाईयों से, ननद, भोजाई, सास बहु तथा देवरानी जेठानी के बीच कुछ गलत फहमियां उत्पन्न होंगी, समय रहते उन गलत फहमियों का समाधान भी हो जायेगा। जून से नवम्बर के मध्य शनि वक्री होने से घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का विषय बन सकता है। आपकी मिलनसार प्रवृत्ति व उदारवादी दृष्टिकोण से आप सबका मन मोह लेंगे। संतान आपकी आज्ञा में रहेगी परंतु संतान की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर पैनी नजर रखें, भाईयों से सम्पति संबंधी विवाद गहरायेगा, परंतु आपसी सहमति से विवाद सुलझ जायेगा।

विद्याध्ययन, पढ़ाई व कैरियरः- इस वर्ष देवगुरू बृहस्पति वर्षारंभ में आपकी राशि में चलायमान हैं, अतः पढ़ाई व कैरियर में सफलता इस वर्ष मई से पूर्व कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सकती है। साथ ही इस वर्ष आपको कैरियर में नई दिशा व नई राह प्राप्त होगी। आप मजबूती से सफलता की तरफ कदम बढ़ायेंगें। पढ़ाई में आप फोकस्ड होंगे, एकाग्र चित्रता बढे़गी। साक्षात्कार, इंटरव्यू व नौकरी के लिए होने वाली परीक्षा में आपको सफलता तो मिलेगी। परंतु प्रयासों में और अधिक जान डालने की आवश्यकता है। बुरे लोग व बुरी सोहबत से दूर रहें। विदेश पाकर अध्ययनरत विद्यार्थीयों के कागजाद संबन्धी समस्या बीजा, पासपोर्ट, इमीग्रेशन आदि की समस्या प्रभावशाली या बुद्धिमान व्यक्ति की मध्यस्थता से हल हो जायेगी। तकनीक, मैकनीकल मैनेजमेंट पॉलिटेकनीक से जुड़े विद्यार्थीयों के लिए

यह समय उपयुक्त रहेगा। कैरियर व नौकरी में इंटरव्यू ग्रुफ डिशक्सन विडियो कान्फ्रेसिंग में सफलता मिल जायेगी।

प्रेम-प्रसंग व मित्रः- वर्ष प्रारंभ में चंद्रमा पंचम स्थान में है। अतः प्रेम-प्रसंगों के मामले में आप बहुत ही भावुक

इस वर्ष रहेगें। राशि का अधिपति भी पंचम से पंचम स्थान में है। अतः आप सहज ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेगें। मित्रें के मामले में आप इस साल भाग्यशाली रहेंगे, आप यह महसूस करेंगें कि हर प्रकार की स्थिति में मित्र आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा है। आप दोस्तो के दुःख दर्द, तकलीफ को साझा करेगें। लेकिन मैं आपको

यह भी सलाह दूंगा कि अमर्यादित व असंयमित प्रेम सम्बंध पारिवारिक सुख, शांति में बाधक बन सकते हैं। तथा बदनामी कारण बन सकते हैं।

वाहन, खर्च व शुभकार्यः- मंगल वर्षारंग में नवम स्थान में स्थित है। अतः इस साल नवीन वाहन के योग बन रहे हैं। वाहन पर खर्चा होगा, जहाँ तक खर्च की बात है। बच्चों पर शिक्षा, अध्ययन, विवाह आदि पर खर्च के प्रबल योगायोग बने हुए हैं। राहु वर्ष पर्यंत बारहवें है। अतः वाहन सावधानीपूर्वक चलायें, वाहन चलाते समय लापरवाही नहीं करें, तथा ट्रैफिक मानकों का पालन करें। इस साल जून से मध्य शनि के वक्र काल में कोई अप्रत्याशित खर्चा आ जायेगा। अस्पताल आदि पर खर्च के योग है। तथा जून से पूर्व कोई मांगलिक प्रसंग व शुभखर्च की स्थिति बनेगी। कहीं न कहीं खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

हानि, कर्ज व अनहोनीः- इस वर्ष व्यापार में कोई हानि होने की संभावना नहीं है। नौकरी में कार्यरत जातकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होगें। बाँस व अधिकारीयों से तालमेल बहुत बढ़िया रहेगा। जहाँ तक अनहोनी की बात है, किसी रिश्तेदार

या मित्र आदि घनिष्ठ व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। वाणी व क्रोध पर काबू रखें। किसी से बिना मतलब उलझ पड़ेगें, तो लेने के देने पड़ सकते हैं। वाहन, भूमि भवन आदि के लिए ऋण लेना पड़ सकता है। व्यापार में विस्तार की

योजना को मूर्त रूप देने के लिए भी ऋण लेना पड़ सकता है।

यात्रएंः- इस वर्ष यात्रओं का योग तो रहेगा, परंतु कोई खास उल्लेखनीय व उपलब्धिपूर्ण यात्र के योग नहीं है। कैरियर में नई संभावनाओं को तलाशने के लिए यात्रऐं करेगें,

धार्मिक स्थान पर घूमने-फिरने का कार्यक्रम परिवार के साथ बन सकता है।

उपायः- मेष राशि के जातकों को मूंगा (त्रिकोणा) ताम्बे की अंगूठी में जड़वाकर अनामिका अगूंली में धारण करना चाहिए। मंगलवार को चमेली के तेल का दीपक तथा हनुमान जी के सन्मुख करें तथा हनुमान चालीसा का पाठ करें! लाल रंग के पुष्प वाले पौधे को या कनेर के पौधे को नित्य सींचे (जल दे) सिन्दूरी रंग का रूमाल या भगवे रंग का रूमाल पास में रखें।

मेष राशि के लोग कर्म में विश्वास रखते हैं।

मेष राशि के लोग कर्म में विश्वास रखते हैं। आप निष्काम होकर कर्म करेंगे। आलोचना व निंदा से कतई नहीं घबराएंगे। तकदीर का सितारा आपके साथ है।

मेष राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो अग्नि तत्त्व प्रधान होता है। यह पुरुष सूचक राशि है। मेष राशि का राशि चिन्ह ‘मेढ़ा’ है। इसका प्राकृतिक स्वभाव साहसी, अभिमानी व पौरुषशाली है। कोई जरा-सी विपरीत बात कह दे, तो इनको सहन नहीं होता। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र आता है, परंतु इनका क्रोध क्षणिक होता है।
मेष राशि के व्यक्ति प्रायः मध्यम कद के होते हैं। अति उत्साही होने के कारण कई बार जल्दबाजी में काम को गड़बड़ भी कर देते हैं। मेष राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। दूसरों की हुकूमत को ये लोग बिलकुल भी पसन्द नहीं करते तथा एक खास बात और कि ये लोग दूसरों के आधिपत्य या हुकूमत में रहकर विकास नहीं कर सकते, जब ये लोग स्वतंत्र कार्य करेंगे तभी इनका विकास संभव होगा। इनको अपने मनोभावों पर नियन्त्रण रखना चाहिए, परंतु क्रोधावस्था के कारण ये अपना आत्मनियंत्रण खो बैठते हैं।
सामान्यतया मेष लग्न में उत्पन्न जातक साहसी, पराक्रमी, तेजस्वी तथा परिश्रमी होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से वे जीवन में वांछित मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ रहते हैं। ये अत्यधिक सक्रिय एवं क्रियाशील होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से जीवन में इच्छित उन्नति प्राप्त करते हैं।
मेष लग्न के प्रभाव से जातक अपने शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को परिश्रम एवं निर्भयता से सम्पन्न करेंगे। इनमें स्वाभिमान का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा स्वपरिश्रम व योग्यता से जीवन में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे।
इनके स्वभाव में प्रारम्भ में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहेगा। फलतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध एवं चंचलता का प्रदर्शन करेंगे। जीवन में आपको जन्मभूमि के अतिरिक्त अन्य स्थान में सफलता प्राप्त नहीं होगी तथा वहीं आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। साथ ही सांसारिक सुखोपभोग के साधनों को भी आप परिश्रमपूर्वक अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करने में समर्थ होंगे।
इस लग्न में जन्मे जातक को जीवन में काफी समस्याओं एवं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, परन्तु अपने परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा आप इनका सामना तथा
समाधान करने में समर्थ होंगे। आपकी प्रवृत्ति में उदारता तथा सहिष्णुता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को आप अपना सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे आपके प्रति लोगों के मन में आदर का भाव उत्पन्न होगा।
आपके सांसारिक कार्य यद्यपि विलम्ब से सिद्ध होंगे, परन्तु गौरव एवं सम्मान का भाव बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको परिश्रम से उन्नति प्राप्त होगी तथा सामाजिक जनों के मध्य भी समय पर मान-सम्मान मिलता रहेगा। आपको अपनी प्रवृत्ति का अन्य जनों के समक्ष सादगीपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए तथा इसमें अनावश्यक दिखावे का समावेश नहीं करना चाहिए। जीवन में आपको इच्छित सुख-ऐश्वर्य एवं वैभव की प्राप्ति होगी। आप एक परिश्रमी, तेजस्वी, कार्य निकालने में चतुर, परन्तु मन्द गति से कार्य करने वाले होंगे तथा जीवन में आवश्यक सुखों का उपभोग करने में समर्थ होंगे।
आप बहुत ही परिश्रमी व साहसिक कार्यों में रुचि लेने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः खेल-कूद, शिकार, सैनिक व पुलिस विभाग, मशीन, भट्टी व ज्वलनशील पदार्थों तथा
धातु इत्यादि वस्तुओं में रुचि लेते देखे गए हैं।
धार्मिक विचारों में आपका दृष्टिकोण अन्य लोगों से भिन्न है। आप शक्ति के उपासक हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के धनी होते हैं तथा आपकी राशि अग्नि तत्त्व प्रधान होते हुए भी आप शर्त के पक्के होते हैं। आप झगड़ा करना पसन्द नहीं करते, परन्तु जब कोई सीमा का उल्लंघन करने की चेष्टा करता है, तो उसे जबरदस्त सबक सिखाए बिना नहीं रहते। युद्धकला में प्रायः ऐसे व्यक्ति निपुण होते हैं। भूमि व कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में ये प्रायः विजय प्राप्त करते हैं।
आपका भाग्योदय 28 वर्ष के पश्चात् होने की संभावना बनती है। परंतु इसके लिए कुण्डली में भाग्येश का विचार करना भी आवश्यक है।
यदि आपका जन्म 21 मार्च व 20 अप्रैल के मध्य हुआ है, तो आपका भाग्योदय निश्चित रूप से 28 वर्ष के पश्चात संभव है। आप पूर्णतः सेल्फमेड व्यक्ति हैं। आप अपना भाग्य स्वयं निर्मित करते हैं। परन्तु याद रखें, बिना परिश्रम के आपको विशेष लाभ होने की संभावना नहीं है।
यदि आपका जन्म ‘भरणी’ नक्षत्र में है तथा आपका नाम ‘ल’ से आंरभ होता है, तो आप कुछ लम्बे कद वाले व्यक्तियों की गिनती में हैं। आपके अनेक मित्र हैं तथा मित्रजनों पर आपकी पूर्ण कृपा है। आपको छिछले एवं चुगलखोर मित्र कतई पसन्द नहीं। आप दूरदर्शी होने के साथ-साथ मितव्ययी भी हैं। फिजूल के खर्च व व्यर्थ के दिखावे में आपकी रुचि नहीं है। भ्रमण व घूमने-फिरने के शौक के साथ-साथ आपको उत्तेजनापूर्ण चटपटे भोजन में भी बहुत रुचि होती है।
लाल रंग व ज्वलनशील पदार्थ आपके अनुकूल कहे जा सकते हैं। मंगल एक शौर्यवान व तेजोमय ग्रह होने से, जहां शांति व प्रसन्नता असफल हो जाती है, वहां पर आप झगड़े व डांट-डपट से अपना कार्य आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।
आपके लिए मंगलवार सर्वश्रेष्ठ शुभकारी रहेगा तथा इष्टदेव के रूप में हनुमानजी आपके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। आपका अनुकूल रत्न ‘मूंगा’ है।

मेष राशि वालों के लिए उपाय

  1. मेष राशि वालों को बजरंगबली की उपासना, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कर्ज से निवृत्ति के लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  2. आजीविका (काम-काज, कार्यक्षेत्र) में यदि समस्या आ रही हो तो ‘मूंगा’ अथवा ‘तामड़ा’ युक्त ‘मंगल यंत्र’ गले में भी धारण करें।
  3. मंगलवार का व्रत करें। मसूर की दाल व गुड़ गाय को खिलाएं।
  4. तांबा और सोना के मिश्रण से सवा 5 से 9 रत्ती तक की अंगूठी बनाकर धारण करें। लाभ होगा।
  5. मूंगा या तामड़ा रत्न धारण करें। इनके अभाव में ताम्र का सिक्का भी धारण किया जा सकता है।

मेष राशि की प्रमुख विशेषताएं

1. राशि ‒ मेष
2. राशि चिह्न ‒ मेढ़ा
3. राशि स्वामी ‒ मंगल
4. राशि तत्त्व ‒ अग्नि तत्त्व
5. राशि स्वरूप ‒ चर
6. राशि दिशा ‒ पूर्व
7. राशि लिंग व गुण ‒ पुरुष
8. राशि जाति ‒ क्षत्रिय
9. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ क्रूर स्वभाव, पित्त प्रकृति
10. राशि का अंग ‒ सिर
11. अनुकूल रत्न ‒ मूंगा
12. अनुकूल उपरत्न ‒ तामड़ा
13. अनुकूल रंग ‒ लाल
14. शुभ दिवस ‒ मंगलवार, रविवार
15. अनुकूल देवता ‒ शिवजी, भैरव, हनुमान
16. व्रत, उपवास ‒ मंगलवार
17. अनुकूल अंक ‒ 9
18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 9/18/27
19. मित्र राशियां ‒ सिंह, तुला व धनु
20. शत्रु राशियां ‒ मिथुन व कन्या
21. व्यक्तित्व ‒ दबंग, क्रोध युक्त व साहसी
22. सकारात्मक तथ्य ‒ कुटुम्ब को पालने वाला, चुनौती को स्वीकार करने वाला, सदैव क्रियाशील
23. नकारात्मक तथ्य ‒ दम्भी, अधैर्यशाली

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