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कर रही हैं बेबी प्लानिंग तो घर बैठे जानें अपना ओव्यूलेशन टाइम: Ovulation Home Test

ओवरी से परिपक्व एग रिलीज होने की प्रक्रिया को ओव्‍यूलेशन कहा जाता है। यह प्रक्रिया महिलाओं के शरीर में हर महीने होती है। इस समय के आसपास एक महिला के गर्भधारण करने की संभावना सबसे अधिक होती है। आमतौर पर महिलाओं का मासिक चक्र 28 से 35 दिन का होता है। इस साइकिल में कुछ विशेष दिन ओव्‍यूलेशन पीरियड की श्रेणी में आते हैं।
10:30 PM Aug 25, 2023 IST | Ankita Sharma
कर रही हैं बेबी प्लानिंग तो घर बैठे जानें अपना ओव्यूलेशन टाइम  ovulation home test
Ovulation Home Test
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Ovulation Home Test: अगर आप भी मम्मी बनने की तैयारी में हैं तो इसके लिए अपने दिल, दिमाग के साथ ही आपको अपनी बॉडी का ध्यान रखना होगा। जी हां, ओव्यूलेशन पीरियड गर्भधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में हर महिला को इसका ध्यान जरूर रखना चाहिए। इस दौरान महिला का शरीर गर्भधारण के लिए सबसे फर्टाइल होता है। ऐसे में गर्भधारण की संभावना काफी बढ़ जाती है।

जानिए क्या है ओव्यूलेशन पीरियड

Ovulation Home Test
Generally, the time of 12 to 16 days after the end of a woman's periods is called the ovulation period.

ओवरी से परिपक्व एग रिलीज होने की प्रक्रिया को ओव्‍यूलेशन कहा जाता है। यह प्रक्रिया महिलाओं के शरीर में हर महीने होती है। इस समय के आसपास एक महिला के गर्भधारण करने की संभावना सबसे अधिक होती है। आमतौर पर महिलाओं का मासिक चक्र 28 से 35 दिन का होता है। इस साइकिल में कुछ विशेष दिन ओव्‍यूलेशन पीरियड की श्रेणी में आते हैं। आमतौर पर महिला के पीरियड्स खत्म होने के 12 से 16 वें दिन का समय ओव्‍यूलेशन पीरियड कहलाता है। इस दौरान गर्भधारण करने की संभावना 25 से 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। हालांकि इसके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर आपका ओव्यूलेशन पीरियड कब आता है। क्योंकि इन दिनों बदलती लाइफस्टाइल, प्रदूषण और हमारी डाइट में आए परिवर्तन के कारण अक्सर महिलाओं के पीरियड्स की डेट आगे-पीछे होती रहती है। ऐसे में ओव्यूलेशन पीरियड का सही पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि अगर आप थोड़ी सी जागरूक रहेंगी तो आप घर पर भी अपने ओव्यूलेशन पीरियड का पता आसानी से लगा सकती हैं।

ट्रैक करें अपनी पीरियड डेट  

ओव्यूलेशन के बाद बॉडी में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। जिसके कारण शरीर का बेसल बॉडी टेम्परेचर यानी शरीर का बेसिक तापमान भी बढ़ जाता है। इसलिए पीरियड के बाद आपको हर सुबह अपना बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) चैक करना चाह‍िए। उसे एक डायरी में नोट कर लें। ऐसा करने से आप ओव्यूलेशन को मॉनिटर कर पाएंगी। क्योंकि ओव्यूलेशन के बाद बेसल बॉडी टेम्परेचर बढ़ जाता है। ओव्यूलेशन से ठीक पहले, बीबीटी अपने निम्नतम स्तर पर गिर जाता है और फिर ओव्यूलेशन के लगभग दो से चार दिन बाद 0.4 से 0.8 डिग्री तक बढ़ जाता है। इस तापमान से आपको ओव्यूलेशन पीरियड का अंदाजा लग जाएगा।

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ओव्यूलेशन स्ट्रिप कर सकती हैं यूज

प्रेगनेंसी स्ट्रिप की तरह ही अब मार्केट में ओव्यूलेशन स्ट्रिप भी आसानी से मिलती है।
Like pregnancy strips, now ovulation strips are also easily available in the market.

ओव्यूलेशन पीरियड का पता लगाने का एक आसान तरीका है ओव्यूलेशन स्ट्रिप। प्रेगनेंसी स्ट्रिप की तरह ही अब मार्केट में ओव्यूलेशन स्ट्रिप भी आसानी से मिलती है। इस स्ट्रिप से पता लगाया जा सकता है क‍ि आपके यूरिन में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन की मौजूदगी है या नहीं। ओव्‍यूलेशन पीरियड से 24 से 36 घंटे पहले शरीर में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर बढ़ता है। ओव्‍यूलेशन स्ट्रिप्स पर दो लाल रेखाएं नजर आए तो इसका मतलब है कि ओव्‍यूलेशन 24 से 36 घंटों में हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस ओव्यूलेशन स्ट्रिप का उपयोग दोपहर के मध्य में करने से अच्छे और सटीक रिजल्‍ट मिलते हैं।

ओव्यूलेशन कैलकुलेटर का यूज करें

ओव्‍यूलेशन पीरियड का ध्यान रखना गर्भधारण के लिए जरूरी है। आमतौर पर एक महिला का मासिक धर्म चक्र 28 दिन लंबा होता है। हालांकि यह प्रत्येक महिला के लिए अलग हो सकता है। ओव्‍यूलेशन कैलकुलेटर की मदद से भी आप यह पता लगा सकती हैं कि आपके लिए सबसे फर्टाइल दिन कौन से हैं। इसके लिए गूगल से ऑनलाइन ऑव्यूलेशन कैलकुलेटर या किसी मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग कर सकती हैं

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