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क्या सच में शिव मंदिर का पुजारी अगले जन्म में कुत्ते की योनि में जाता है? जानें इसके पीछे का सच: Sant Premanand Thoughts

06:00 AM Oct 17, 2023 IST | Ayushi Jain
क्या सच में शिव मंदिर का पुजारी अगले जन्म में कुत्ते की योनि में जाता है  जानें इसके पीछे का सच  sant premanand thoughts
Sant Premanand
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Sant Premanand: भारत को संतों की भूमि कहा जाता है यहां पर सदियों से कई संतों एवं महापुरुषों ने जन्म लिया है। ऐसे कई महान संत वर्तमान में भी है। जिनकी बातें सुनना और जीवन में उन बातों को अपनाना लोगों को बेहद पसंद आता है। आज हम आपको ऐसे ही एक प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के बारे में बताने जा रहे हैं जो वृंदावन में रहते हैं। इन्हें वृंदावन वाले महाराज के नाम से भी जाना जाता है। महाराज अक्सर पीले वस्त्र धारण किए नजर आते हैं। इन दिनों बाबा प्रेमानंद का एक वीडियो जोरों शोरों से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह 'शिव मंदिर का पुजारी अगले जन्म में कुत्ते की योनि में जाता है' के पीछे का पूरा सत्य बताते नज़र आए।

रामायण में लिखा है ये प्रसंग

आपको बता दे, बाबा प्रेमानंद का एक वीडियो जोरों शोरों से वायरल हुआ है। जिसमें रायबरेली के जिले के प्रसिद्ध शिव मंदिर के प्रधान पुजारी ने जब बाबा प्रेमानंद से पूछा कि बाबा मैंने सुना है कि शिव मंदिर का पुजारी अगले जन्म में कुत्ते की योनि में जाता है क्या यह सत्य है तब बाबा प्रेमानंद ने जवाब देते हुए कहा, की वाल्मीकि रामायण में लिखा हुआ है की अगर मनमानी आचरण करने से यानि भगवान के लिए जो कुछ भी भोग आता है उसे बिना भगवान को अर्पित किए खुद की उपयोग में लिया जाए तो इसे अगले जन्म में कुत्ते की योनि प्राप्त होती है। रामायण की इस प्रसंग को लेकर बाबा परमानंद ने एक कहानी भी सुनाई।

वायरल वीडियो की कहानी

प्रेमानंद महाराज की जो वीडियो इतनी वायरल हो रही है उसमें उन्होंने कहा कि भगवान के लिए जो भी आता है उसे बिना भगवान को अर्पित किए उपयोग में लेना अपराध के समान है। उन्होंने इससे संबंधित एक कहानी सुनाई जिसमें उन्होंने कहा एक विरक्त संत जो गुफा में भोजन करते थे। एक दिन वे भिक्षा मांग कर वापस आ रहे थे, तो उन्हे रास्ते में एक कुत्ता दिखाई दिया जो यह कह रहा था कि बाबा मुझे थोड़ा सा झूठन का टुकड़ा दे दो जिससे कि मुझे इस प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाए।

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संत को कुत्ते के रूप में जो दिखाई दिए वह नंदालय के एक पुजारी थे। जिन्होंने भगवान के लिए आए समान या भोग को बिना भगवान को अर्पित किए खुद के उपयोग में ले लिया। जिसके डंड के रूप में उन्हें कुत्ते की योनि मिली। संत ने कुत्ते के मुख से सारी बातें सुनकर अपने झूठन का टुकड़ा उन्हें दे दिया। यह कहानी सुनाने के बाद बाबा प्रेमानंद ने कहा कि इस बात का ध्यान रखिए की सिर्फ शिव मंदिर ही नहीं बल्कि किसी भी मंदिर में भगवान के लिए आ रहे भोग को बिना भगवान को अर्पित किए उपयोग में लेना पाप के समान हैं।

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