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श्रीराम का गृहप्रवेश- गृहलक्ष्मी की कविता

07:30 PM Jan 20, 2024 IST | Sapna Jha
श्रीराम का गृहप्रवेश  गृहलक्ष्मी की कविता
Shree Ram ka Grehparvesh
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Shri Ram Kavita: जिनकी कृपा से पाते हैं हम जीवन में सुख और चैन
उन्हीं प्रभु को बेघर देख ,मन होता था बेचैन
घर रहेंगे दिलवाकर, भक्तों ने लिया फिर ठान
आयीं बहुतेरी अड़चनें,गंवानी पड़ी अनेकों जान
कदम डिगे नहीं बल्कि बढ़ता गया था जोश
उड़ा दिये थे उन्होंने हुक्मरानों तक के होश
अचरज,मेरे ही भारत में उठे राम के अस्तित्व पर सवाल
रामसेतु पर भी मचाया लोगों ने खूब बवाल
ले गये खींच कटघरे में,मांगे श्रीराम के होने के प्रमाण
मुंह की खायी उन्होंने,जब पास किया रामलला ने ये इम्तिहान
फिर क्या था, लग गया अटकलों पर पूर्ण विराम
गुंजायमान था नारा अब हर- सू "जय श्रीराम जय श्रीराम"
श्रीराम मंदिर बनने की होने लगी तैयारी
पुलकित थी अब जनता भारत की सारी
भव्य मंदिर बनाने में निभाई सभी ने अपनी ज़िम्मेदारी
देश के हर कोने की है इसमें भागीदारी
मर्यादा में रहकर, मर्यादा पुरुषोत्तम राम का मंदिर बनकर है तैयार
बाईस जनवरी का कर रहे भारतवासी बेसब्री से इंतज़ार
जब होगी प्राण प्रतिष्ठा, विराजेंगे मंदिर में श्रीराम
आत्मा होगी तृप्त, दृश्य होगा नयनाभिराम
नये कलेवर में सजा है अयोध्या धाम
देख कायाकल्प, चकित होंगे स्वयं राजा राम
देश में मनेगी दीपावली, पौष माह में पहली बार
प्रभु राम की ही है लीला,है सब उनका ही चमत्कार
मंदिर का सपना हुआ पूरा,अब उसे देखने का सपना लेने लगा आकार
सुंदरतम पल होगा जीवन का,निहारेंगी आंखें जब रामलला को बारंबार

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